वक़्त के साथ पता नहीं क्या...क्या होता है...
दोस्त बनते है बिछड़ जाते है पर एक दम से दो लोग मेरी जिंदगी मैं आ गए ...
और पता नहीं कब एक बहुत जरुरी हिस्सा बन गए....यहाँ एक भी पल..काटे नहीं कट ता..
दिल करता है साथ रहू ...पर कैसे दूरी बहुत है फासला भी बहुत पर है तो दोनों शानदार ...जब ये पोस्ट लिख रहा हु,..माई उन्हें बहुत मिस कर रहा हु..उन दोनों की कमी खल रही है..पर हा जिंदगी चल रही है....पर दोस्तों शायद इसे जीना नहीं कहते ...पर आज वोह साथ है क्या ये काफी नहीं !!!
थैंक्स तो फेसबुक को कहू..जो ऐसे अपनों से मिला दिया उसने ...हा उनका नाम है
" चक्रेश" [चक्कू] और "श्रेया" [khwaisssh]
...i love u..n missing u both2 much here
Mere Brother Ki Dulhan - Review By Ankit
15 years ago
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